






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 अक्टूबर 2026। शहर में सार्वजनिक सुविधाओं की कमी आमजन के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इनमें सबसे बड़ी समस्याओं में एक है व्यवस्थित बस स्टैंड का अभाव। प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसों के इंतजार में धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं। न बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है, न छांव और न ही सुलभ शौचालय की सुविधा। राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक सक्रियता के अभाव में वर्षों से चली आ रही यह समस्या आज भी समाधान की बाट जोह रही है।
धूप में इंतजार, महिलाओं-बुजुर्गों की बढ़ती परेशानी
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शहर में बस स्टैंड की समुचित व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और ग्रामीण यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों को बस का इंतजार खुले में खड़े रहकर करना पड़ता है। बच्चों को साथ लेकर धूप में, खुले में, बरसात में बस पकड़ना चुनौती बन जाता है। वहीं, सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। शहर की बढ़ती आबादी के बावजूद इस बुनियादी जरूरत का पूरा नहीं होना, व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सर्विस रोड पर बसें रुकते ही रास्ता बाधित
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दिल्ली-जयपुर के प्रमुख मार्ग पर स्थित श्रीडूंगरगढ़ में वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। यहां बसें हाईवे के समानांतर बनी सर्विस रोड पर रुकती हैं, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। कई बार स्थिति ऐसी बनती है कि अन्य वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में लोगों को हाईवे से होकर गुजरने का जोखिम उठाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पहले भी उठी बस स्टैंड निर्माण की मांग
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शहर में बस स्टैंड निर्माण को लेकर पूर्व में भी प्रयास किए गए थे। पूर्व विधायक ने वन विभाग की भूमि पर बस स्टैंड विकसित करने की दिशा में पहल की थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं, 23 जुलाई 2026 को व्यापार मंडल ने विधायक एवं उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर घुमचक्कर के निकट बस स्टैंड बनवाने की मांग उठाई थी। इसके बावजूद शहरवासियों को अब तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।
पुराने बस स्टैंड की विफलता से सबक लेकर बने नई योजना
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूर्व में बस स्टैंड का निर्माण किया गया था, लेकिन वह आमजन के बीच स्वीकार्यता और उपयोगिता के अभाव में सफल नहीं हो सका। कुछ लोगों का मानना है कि उस समय वहां तक पहुंचने के लिए सुगम आवागमन की व्यवस्था नहीं थी। अब सरदारशहर रोड से कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावनाओं के बीच नए सिरे से योजना बनाई जाए तो पुराने प्रयोग को सफल बनाया जा सकता है। सामाजिक कार्यक्रताओं और शहरवासियों की अपेक्षा है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए बस स्टैंड के लिए उपयुक्त स्थान तय करें। यात्रियों के लिए छांव, बैठने, पेयजल और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाओं के साथ बसों के व्यवस्थित ठहराव की व्यवस्था हो, ताकि श्रीडूंगरगढ़ को वर्षों से प्रतीक्षित राहत मिल सके।







