






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अक्टूबर 2026। पितृपक्ष के अवसर पर गया धाम में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव एवं पितृ यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने गया महात्म्य, सीता कुंड श्राद्ध, गोकर्ण-धुंधुकारी प्रसंग तथा वेदव्यासजी द्वारा श्रीमद्भागवत की रचना से जुड़े प्रसंगों का श्रवण किया। आयोजन में तर्पण, पिंडदान, गीता पाठ, पितृ सूक्त पाठ, ब्राह्मण भोजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं।
कथा व्यास पं. विष्णुदत्त शास्त्री ने कथा के दूसरे दिन शनिवार को गया धाम के महात्म्य और पितरों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध एवं पिंडदान की धार्मिक परंपरा का वर्णन किया। सीता कुंड से जुड़े प्रसंग में माता सीता द्वारा राजा दशरथ के निमित्त पिंडदान किए जाने की मान्यता का उल्लेख किया गया। कथा के दौरान गोकर्ण-धुंधुकारी प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। धुंधुकारी के जीवन और गोकर्ण द्वारा श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उसके उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए भक्ति, सत्संग और सदाचार के महत्व को समझाया गया। वहीं वेदव्यास जी द्वारा श्रीमद्भागवत की रचना तथा इसके 18 हजार श्लोकों का उल्लेख करते हुए कथा में निहित भक्ति एवं धर्म के संदेशों को बताया गया।
घर बैठे भी पितरों के निमित्त कर सकते हैं सेवा
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आयोजन के व्यवस्थापक ने जानकारी देते हुए बताया कि गया धाम नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालु भी घर बैठे पितरों के निमित्त पूजन करवा सकते हैं। ब्राह्मण भोजन के लिए 5100 रुपए, श्रीमद्भगवद्गीता पाठ के लिए 3100 रुपए तथा पितृ स्तोत्र एवं विष्णुसहस्रनाम पाठ के लिए 2100 रुपए सहयोग राशि निर्धारित की गई है। आयोजन से जुड़ने के लिए 8290814026 पर फोन या वाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले आयोजन में आगामी दिनों में श्रीमद्भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों के साथ पितृ यज्ञ, तर्पण एवं पिंडदान के अनुष्ठान जारी रहेंगे।








