








श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 सितंबर 2026। रविवार को अचानक बदले मौसम से पूरे अंचल में बरसात हुई। इस बरसात ने किसानों के लिए कोढ़ में खाज का काम किया है।
उदरासर के किसान दुलदास स्वामी ने बताया कि पहले कमजोर मानसून, भादवे माह में बरसात नहीं होने से फसलें बिल्कुल कमजोर रही और रही सही कसर इस बरसात ने पूरी कर दी। विदित रहें राजस्व विभाग ने भी क्षेत्र में फसलों के उत्पादन में भारी गिरावट आंकी है। वहीं बेमौसम रविवार को हुई इस बरसात ने किसानों को खासा नुकसान पहुंचाया है। किसानों ने खेतों में बारानी फसलों की कटाई कर रखी है और तेज हवाओं से ये फसलों की ढेरियां उड़कर बिखर गई है। वहीं बरसात से भीगने से शत प्रतिशत नुकसान तक आंकड़ा पहुंच गया है। अनेक खेतों में सिंचित किसानों ने मूंगफली कटाई कर सुखने के लिए रखी थी और ये भी भीगने से मूल्य में खासी गिरावट होगी। क्षेत्र में इस बार किसान परेशान है, इस बार बरसात के चक्र ने फसलों को चौपट कर दिया है। धीरदेसर चोटियान के प्रगतिशील किसान रामलक्ष्मण चोटिया ने बताया कि बरसात की कमी से ग्वार, मोठ, की फसलें सुख चुकी थी और किसान वर्ग अब फसल कटाई के कार्य में जुटा हुआ है। रविवार को आए तेज अंधड़ व बरसात ने सूखने के लिए रखी ग्वार, मोठ, मूंग व मूंगफली की ढेरियों को नुकसान पहुंचाया है।
किसान ध्यान देवें बीमा क्लेम के लिए तुरंत सूचना देवें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खेत में खड़ी फसल का बीमा क्लेम नहीं मिलता परंतु किसान को काट कर रखी फसलें के उड़ जाने व भीग जाने पर क्लेम राशि देने का प्रावधान है। किसान रविवार को तेज अंधड़ व बरसात से हुए नुकसान की सूचना बीमा कंपनी के टोल फ्री 14447 नबंरों पर जरूर देवें। वहीं तहसीलदार व कृषि विभाग के अधिकारियों को लिखकर नुकसान की जानकारी देते हुए बीमा क्लेम का सर्वे करने की मांग भी जरूर करें। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) रघुवर दयाल सुथार ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान टोल फ्री नंबरों पर सूचना देवें या क्रॉप इंश्योरेंस एप्प पर भी जानकारी अपलोड भी कर देवें। जिससे दोनों विभागों की संयुक्त टीम द्वारा मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट दी जा सके व किसानों को बीमा मिलने की राह आसान हो सकें। सुथार ने बताया कि जो फसल काट ली गई है और खेत में पड़ी है, उसका भंडारण नहीं किया गया है, और उसमें नुकसान हो गया हो तो बीमा क्लेम दिए जाने का प्रावधान है।




