




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 अगस्त 2026। राजस्थान में खरीफ फसलों की ऑनलाइन गिरदावरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब किसान अपने मोबाइल फोन से खेत में खड़ी मूंगफली, मोठ, ग्वार, मूंग सहित अन्य खरीफ फसलों की गिरदावरी स्वयं कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को ‘राज किसान गिरदावरी’ एप डाउनलोड कर अपनी बोई गई फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा। इसी को लेकर श्रीडूंगरगढ़ तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा ने ग्राम जेतासर में किसानों के साथ बैठक कर ऑनलाइन गिरदावरी की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने तहसील क्षेत्र के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं अपनी फसल की गिरदावरी करें और राजस्व रिकॉर्ड में खेत में बोई गई वास्तविक फसल का सही विवरण दर्ज करवाएं। तहसीलदार शर्मा ने बताया कि खेत में बोई गई फसल का सही विवरण राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होना बेहद महत्वपूर्ण है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल बेचने, फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा में मुआवजा, बीज वितरण तथा सिंचाई जल आवंटन जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ तहसील का क्षेत्रफल काफी विस्तृत है। ऑनलाइन गिरदावरी के तहत पटवारी को प्रत्येक खसरे में जाकर फसल की फोटो अपलोड करने सहित अन्य प्रक्रिया पूरी करनी होती है। ऐसे में कार्यभार अधिक होने के कारण कई बार खेत में वास्तव में बोई गई फसल और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज फसल के विवरण में अंतर रह जाता है। पिछले वर्ष भी कई किसानों ने गिरदावरी में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक बुवाई में अंतर की शिकायत की थी। इसके चलते कुछ किसान एमएसपी पर अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए थे।
ऐसे करें स्वयं ऑनलाइन गिरदावरी
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसान सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से ‘राज किसान गिरदावरी’ एप डाउनलोड करें। इसके बाद जन आधार नंबर के माध्यम से लॉगिन कर अपने खेत से संबंधित खसरा नंबर का चयन करें। किसान को गिरदावरी करते समय खेत में उपस्थित रहना होगा और मोबाइल की लोकेशन ऑन करनी होगी। इसके बाद खेत में बोई गई फसल का नाम चयनित कर फसल की फोटो अपलोड करनी होगी। आवश्यक विवरण भरने के बाद आवेदन सबमिट किया जा सकेगा। शर्मा ने किसानों से समय रहते अपनी फसल की स्वयं ऑनलाइन गिरदावरी करने की अपील करते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में फसल का सही विवरण दर्ज होना किसान के हित में है और इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।






