






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 जुलाई 2026।🚩श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 22-Jul-2026
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि नवमी पूर्ण रात्रि
🔅 नक्षत्र स्वाति 11:03 PM
🔅 करण बालव 06:08 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग साघ्य 06:41 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:50 AM
🔅 चन्द्रोदय 01:39 PM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 07:29 PM
🔅 चन्द्रास्त 00:26 AM
🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 काली सम्वत 5127
🔅 दिन काल 13:39:30
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत आषाढ
🔅 मास पूर्णिमांत आषाढ
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:12 PM 01:07 PM
🔅 कंटक 05:40 PM 06:35 PM
🔅 यमघण्ट 08:34 AM 09:28 AM
🔅 राहु काल 12:40 PM 02:22 PM
🔅 कुलिक 12:12 PM 01:07 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 06:45 AM 07:39 AM
🔅 यमगण्ड 07:32 AM 09:15 AM
🔅 गुलिक काल 10:57 AM 12:40 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
📜 चोघडिया 📜
🔅 लाभ 05:50 AM – 07:33 AM
🔅 अमृत 07:33 AM – 09:15 AM
🔅 काल 09:15 AM – 10:58 AM
🔅 शुभ 10:58 AM – 12:40 PM
🔅 रोग 12:40 PM – 02:22 PM
🔅 उद्वेग 02:22 PM – 04:05 PM
🔅 चल 04:05 PM – 05:47 PM
🔅 लाभ 05:47 PM – 07:30 PM
🔅 उद्वेग 07:30 PM – 08:47 PM
🔅 शुभ 08:47 PM – 10:05 PM
🔅 अमृत 10:05 PM – 11:22 PM
🔅 चल 11:22 PM – 00:40 AM
🔅 रोग 00:40 AM – 01:58 AM
🔅 काल 01:58 AM – 03:15 AM
🔅 लाभ 03:15 AM – 04:33 AM
🔅 उद्वेग 04:33 AM – 05:50 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 कर्क चर
शुरू: 05:30 AM समाप्त: 07:50 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 07:50 AM समाप्त: 10:07 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 10:07 AM समाप्त: 12:23 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 12:23 PM समाप्त: 02:43 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 02:43 PM समाप्त: 05:01 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 05:01 PM समाप्त: 07:06 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 07:06 PM समाप्त: 08:49 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 08:49 PM समाप्त: 10:17 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:17 PM समाप्त: 11:43 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 11:43 PM समाप्त: 01:19 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 01:19 AM समाप्त: 03:15 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:15 AM समाप्त: 05:30 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
🌼 भड्डली नवमी
भड्डली नवमी को एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है। लोक परंपरा के अनुसार इस दिन विवाह, गृहप्रवेश, नए कार्य, व्यापार आरंभ आदि शुभ कार्य बिना अलग से मुहूर्त निकाले भी किए जा सकते हैं।
राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों में इसका विशेष महत्व माना जाता है।
🌼 कृषि महत्व: – ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन वर्षा, खेती और आगामी मौसम के बारे में लोक-परंपराओं के अनुसार अनुमान लगाए जाते हैं। भड्डली से जुड़े अनेक लोकदोहों का प्रयोग वर्षा के संकेत बताने के लिए किया जाता है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री

