






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 जुलाई 2026। बीकानेर संभाग शिक्षा विभाग की संयुक्त निदेशक सुनीता चावला ने बुधवार को श्रीडूंगरगढ़ में सरकारी व निजी स्कूलों का निरीक्षण किया व अनियमितताओं के प्रति कठोर नाराजगी जताई। उन्होंने शाला संबलन के तहत गहनता से निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की।
चावला सुबह देराजसर के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालय पहुंची। यहां उन्होंने बच्चों से किताब पढ़वाई व कॉपियां भी जांची। उन्होंने स्टाफ को लेख सुधार करवाने, त्रुटिअंकन करने व एकेडमी गाइडलाइन का कर्तव्यनिष्ठा से पालना करने के निर्देश दिए। स्कूल का स्वयं का भवन नहीं होने की बात भी अपनी रिपोर्ट में एड की। वहीं वे श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में स्थित आरएन श्रीकृष्ण विद्या मंदिर पहुंची और स्कूल का निरीक्षण किया। संयुक्त निदेशक ने टाइम्स को बताया कि विद्यालय गाइडलाइन के विपरीत ही मिला। स्कूल में कक्षा 9वीं में 10वीं की किताबें पढ़ाई जा रही थी, जो बच्चों की नींव को कमजोर करने का खिलवाड़ है। इस पर नाराजगी जताते हुए चावला ने कहा कि ऐसे स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों का बेस ही कमजोर रह जाएगा और उनके 9वीं कक्षा के जरूरी कॉन्सेप्ट कभी क्लीयर ही नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ना ही सही होता है ना कि कूद कूद कर सीढ़ियां पार की जाए। उन्होंने कहा कि वे आश्चर्यचकित रह गई, कि स्कूल में प्राय: सभी बच्चों के पास पासबुक मिली। जबकि स्पष्टत: पासबुक से अध्ययन करवाना आदर्श शिक्षण में मनाही है। उन्होंने बताया कि स्कूल में केवल शैक्षणिक ही नहीं भौतिक सुविधाएं भी बदहाल हालात में पाई गई। स्कूल में एक बोर्ड के दो टूकड़े करके दो कक्षाओं में लगाए गए थे। स्कूल में बड़ी बच्चियां भी पढ़ती है परंतु शौचालयों की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। शौचालयों में बिजली पानी की कोई सुविधा तक नहीं है। उन्होंने कहा कि बार बार कैश बुक मांगने पर भी कैश बुक नहीं दिखाई गई, वहीं स्टाफ के पैमेंट को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। चावला ने कहा कि वे इस संबंध में गुरूवार को विभाग को रिपोर्ट सौंप देगी। इस दौरे के दौरान उनके साथ स्थानीय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज वीर पूनियां भी रहीं।










