






सीकर में खाद-बीज विक्रेताओं की आक्रोश रैली, श्रीडूंगरगढ़ से 70 व्यापारियों ने लिया भाग
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जून 2026। खाद-बीज व्यापारियों की विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को सीकर में आयोजित आक्रोश रैली एवं प्रदर्शन में श्रीडूंगरगढ़ तहसील के खाद-बीज विक्रेताओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। श्रीडूंगरगढ़ से करीब 70 खाद-बीज विक्रेता सीकर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। व्यापारियों ने बताया कि राजस्थान डीलर इनपुट संगठन के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में खाद-बीज विक्रेता शामिल हुए। सीकर में आयोजित रैली में हजारों व्यापारियों की उपस्थिति रही। इस दौरान जिला कलेक्टर सीकर को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया।आंदोलन के समर्थन में श्रीडूंगरगढ़ सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर खाद-बीज व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। श्रीडूंगरगढ़ खाद-बीज व्यापार मंडल ने भी बंद का समर्थन करते हुए व्यापारियों से सहयोग की अपील की थी, जिसके चलते कस्बे का खाद-बीज बाजार दिनभर बंद रहा। व्यापारियों ने संगठन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि अपनी मांगों के समाधान के लिए सभी व्यापारी एकजुट हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।

भागवत कथा में सत्संग, गौसेवा और संस्कारों का संदेश, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जून 2026। पूनरासर धाम के संतश्री पालाजी महाराज की तपोभूमि पर चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र एवं नृसिंह अवतार के प्रसंग सुनाए गए। कथावाचक पंडित राकेश भाई पारीक ने कहा कि सत्संग व्यक्ति के जीवन को बदलने की शक्ति रखता है। उन्होंने क्रोध, लोभ, मोह और हिंसा का त्याग कर श्रेष्ठ कर्म करने का आह्वान किया। भजन मंडली के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।
वहीं गोपालसर गांव के ठाकुरजी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचिका साध्वी देव योगिता ने गौसेवा, गायत्री मंत्र जाप और गीता पाठ का महत्व बताते हुए युवाओं से अपने धर्मग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गीता, भागवत और रामायण के अध्ययन से वर्तमान ही नहीं, आने वाली पीढ़ियां भी संस्कारित बनती हैं।






