







श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 जुलाई 2026। गत 23 जून की रात श्रीडूंगरगढ़ में 65 लाख की गड्डियों में ऊपर नीचे असली व बीच में कागज टुकड़े सेट किए हुए नोटों का जखीरा पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने जैतासर निवासी ओमप्रकाश जाट व धोलिया रोड निवासी महेंद्र उर्फ मनोज गोदारा को गिरफ्तार किया। पुलिस की सजगता से ये पकड़े गए अन्यथा किसी को ठगी का शिकार बना लिया जाता। ऐसी ही घटना व मामला सूरत में 19 जून को घटित हुआ। सूरत पुलिस की तत्परता से पांच आरोपियों को धर दबोचा और 40 लाख के मामले में पुलिस ने 35 लाख बरामद कर लिए। इस ठगी के तार भी श्रीडूंगरगढ़ से जुड़ गए है।
महीधरपुरा (सूरत) पुलिस ने एक फर्जी आंगड़िया पेढ़ी के नाम पर एक बड़ी ठगी का अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। मामले की जांच कर रहें पुलिस निरीक्षक डीयू बारड़ ने बताया कि राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित लूणकरणसर निवासी 21 वर्षीय खेतरपाल शर्मा, 24 वर्षीय शिवशंकर गोदारा, 26 वर्षीय सांवरदास स्वामी, श्रीडूंगरगढ़ निवासी 32 वर्षीय हरिकिशन शर्मा, हेमासर निवासी 29 वर्षीय माणेकचंद शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने मिलकर षड्यंत्र रचकर व्यापारी महेंद्र शाह के साथ ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने फर्जी भावेश आंगड़िया पेढ़ी रची और उसके नाम से कम कमीशन पर रूपए पहुंचाने झांसा देकर जाल में फंसाते थे। महेंद्र शाह को बेंगलूरू में रहने वाले अपने दामाद को 40 लाख रूपए भेजने थे। एक परिचित के माध्यम से उसने भावेश आंगडिया से संपर्क किया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने कहा कि बेंगलूरू में रूपए मिलते ही तुंरत सूरत में पेढ़ी के कर्मचारी को नगदी देनी होगी। इसके लिए 19 जून को उन्होंने राहुल को बेंगलूरू के चिकपेट में इलाके में बुलाया और ठीक उसी समय महेंद्र को महीधरपुरा भवानीवड़ इलाके में बुलाया बेंगलूरू में दो जनों ने सड़क पर ही राहुल को एक बैग नोटों के आठ बंडल थमाए। रूपए गिने बिना ही राहुल से महेंद्र को कॉल भी करवाया कि उसे रूपए मिल गए। इधर खेत्रपाल और उसके साथ ने महेंद्र से 40 लाख रूपए ले लिए और फरार हो गए। नोटों के बंडल लेकर घर पहुंचे राहुल ने गिनने के लिए बंडल निकाले तो पता चला कि सभी बंडलों में ऊपर नीचे के सीर्फ दो नोट असली थी, शेष कागज के टुकड़े थे।
राहुल से ठगी की जानकारी मिलने पर महेंद्र ने भावेश आंगड़िया पेढ़ी की पड़ताल शुरू की लेकिन फर्जी फर्म का कोई अता पता नहीं चला। मोबाइल नंबर भी बंद मिला। इस पर उसने महीधरपुरा पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल नंबरों से पड़ताल शुरू की। पुलिस टीम ने पहले खेतरपाल, शिवशंकर व सांवरदास को पकड़ा। उनसे पूछताछ में हरिकिशन निवासी श्रीडूंगरगढ़ और माणेकचंद निवासी हेमासर की लिप्तता सामने आने पर उन्हें भी धर दबोचा गया। आरोपियों के कब्जे से 35 लाख रूपए बरामद हुए है। शेष 5 लाख रूपए और इस साजिश में लिप्त अन्य लोगों के बारे में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।



