September 30, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 सितंबर 2026। आगामी पंचायतीराज चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब नगर निकाय की मतदाता सूची में दर्ज नाम को सीधे ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में जोड़ना आसान नहीं होगा। आवेदन होने पर यह जांच की जाएगी कि संबंधित मतदाता का नाम पहले से किसी नगरीय निकाय की सूची में दर्ज तो नहीं है।
दरअसल, निकाय चुनावों के दौरान आसपास के गांवों में रहने वाले कुछ मतदाताओं द्वारा शहर की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और पंचायत चुनाव के समय वापस गांव की सूची में नाम शामिल करवाने की कवायद लंबे समय से चर्चा में रही है। इससे एक ही मतदाता के शहर और गांव की सूचियों में नाम आने की स्थिति बनती रही है, जिससे स्थानीय चुनावों के समीकरण भी प्रभावित होते हैं। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका चुनाव में वार्ड 25 में भी एक मामला सामने आया था जहाँ 112 मतदाताओं के नाम रतनगढ़ तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायतों से जुड़े होने की बात सामने आई थी। ऐसे मतदाताओं के शहर की सूची में नाम होने से निकाय चुनाव में उनका मतदान हुआ और अब पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच दोबारा गांव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के प्रयासों पर आयोग की निगरानी रहेगी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आने वाले आवेदनों की नियमानुसार जांच की जाएगी। विशेष रूप से उन मामलों में अधिक सतर्कता बरती जाएगी, जहां आवेदक की उम्र अधिक है और उसका नाम पहले से किसी शहरी मतदाता सूची में दर्ज होने की संभावना है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य शहर और गांव की मतदाता सूचियों में डबलिंग रोकना और पंचायत चुनाव के लिए वास्तविक ग्रामीण मतदाता सूची तैयार करना है। श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग शहर व गांव दोनों जगहों से जुड़े होने के कारण इस व्यवस्था का असर आने वाले पंचायत चुनावों में देखने को मिल सकता है।