September 19, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 सितंबर 2026। कमजोर मानसून व फसले पकाव के समय एक बरसात की कमी ने बारानी किसानों की फसलें चौपट कर दी है। राजस्व विभाग के कार्मिकों ने अब तक 70 प्रतिशत फसलें चौपट होना मान लिया है। वहीं 15 अक्टूबर तक चलने वाली गिरदावरी की जाएगी और तभी वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। परंतु किसान, पशुपालक व व्यापारी वर्ग में निराशा छाने लगी है। उदरासर, धोलिया, लादड़िया, जालबसर, बीरमसर, गुसाईंसर बड़ा सहित अनेक गांवो के किसान अकाल की मार से मायूस हो गए है। किसानों ने बताया कि बारानी खेतों में बीघा के 20 किलो अनाज भी नहीं हुए है। बता देवें क्षेत्र में आर्थिक विकास का आधार व केंद्र केवल कृषि ही है। यहां कोई बड़े उद्योग नहीं है और जो छोटे बड़े औद्योगिक इकाइयां है वह कृषि आधारित ही है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ के माथे पर परेशान धरतीपुत्रों की चिंता की लकीरें नजर आने लगी है। ग्रामीण अंचल में दुकानदार कमजोर फसल की मार से परेशान होने लगे है। अनेक खल चूरी के दुकानदारों ने बताया कि कमजोर फसलों के कारण खल चूरी की दुकानें सुनसान पड़ी है और सबसे पहले पशुपालकों के प्रभावित होने का परिणाम भी सामने आने लगा है। वहीं मंडी में भी ग्वार, मूंग, मोठ में कमजोर बरसात के कारण भावों में तेजी दर्ज होने लगी है। ऐसे में स्वयं किसान व भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य सुमन देवी स्वामी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को किसानों की स्थिति से अवगत करवाते हुए श्रीडूंगरगढ़ अंचल में 100 प्रतिशत अकाल घोषित करने की मांग की है।
क्रोप कटिंग ऐप पर भी आ रही है समस्याएं।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजस्थान पटवार संघ के बैनर तले श्रीडूंगरगढ़ शाखा ने शुक्रवार को तहसीलदार को पत्र देकर क्रोप कटिंग ऐप पर आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। खराबे के आंकलन के लिए सरकार द्वारा फसल कटाई प्रयोग ऑनलाईन सीसीई एप के माध्यम से संपादित करवाया जाता है। ऐसे में संघ सदस्यों ने बताया कि कर्मचारी जब प्रथम प्रयोग हेतु मौका पर पहुंच कर संपादित किया। वहीं दूसरा प्रयोग पूरा करने के लिए खेत में पहुंचने पर एप लॉग इन ही नहीं हो रहा है। पांच दिन से लगातार एप लॉग इन नहीं हो रहा है और अब के सभी किए गए प्रयोगों का पूरा डेटा भी डिलिट हो रहा है। जिससे प्रयोग भी संभवन नहीं हो रहें है। संघ ने तुरंत इसकी टैक्निकल समस्या दूर करवाने की मांग की क्योंकि फसले कटने की कगार पर है।
डिलिट हुआ डेटा, किसानों को अंदेशा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खरीफ की फसल 2026 की बीमा राशि कम होने के कारण अनेक किसानों ने अपनी फसलों की बीमा करवाई। ऐसे में सीसीई एप पर डेटा डिलिट होने की खबर से किसानों ने चिंता के साथ बीमा कंपनी की कारस्तानी का अंदेशा भी जताया है। किसानों ने बताया कि बीमा राशि देने से बचने के लिए कहीं बीमा कंपनी डेटा डिलिट के पीछे ना हो। किसानों ने इस बारे में पूरी जांच व सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए पीड़ित किसानों को समय पर बीमा क्लेम दिलवाने की मांग की है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जालबसर, बीरमसर, लाधड़िया, उदरासर व धोलिया के खेतों में किसान हुए मायूस, राजस्व ने 70 प्रतिशत खराबा मान लिया है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लिच्छमणदास ने बताया मोठ की फसल झूलस गई है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसान मोहनदास ने बताया कि बिना बरसात के झूलसी फसलें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लादड़िया के किसान श्रवण कुमार नाई ने बताया कि कमजोर मानसून के कारण किसान वर्ग मायूस हो गया है।