August 1, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 जुलाई 2026। सरकारों की कानूनी पहल से समाज में मृत्युभोज के आयोजन आज तक बंद नहीं हुए है, परंतु मृत्युभोज बंद करने की सामाजिक स्तर पर होने वाली पहल का असर समाज में नजर आने लगा है। समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली एक अनुकरणीय पहल करते हुए माँ के निधन के बाद कूकणा व गोदारा परिवार ने परंपरागत मृत्युभोज का आयोजन न कर शिक्षा और समाजसेवा को प्राथमिकता दी है। दिवंगत की बेटी एवं पौत्र ने मृत्युभोज पर होने वाले खर्च को बंद कर, कन्या छात्रावास के विकास के लिए 2 लाख रुपये एक हजार रूपए का सहयोग दिया है।
क्षेत्र के छोटे से गांव सालासर ये बड़ी प्रेरणा सामने आई है। गांव में मीरा देवी पत्नी दिवंगत पूर्णाराम कूकणा के मरणोपरांत उनके परिवार ने मृत्युभोज की कुरीति को बंद करने का निर्णय लिया। मीरा देवी की बड़ी पुत्री मनोहरी देवी पत्नी पेमाराम गोदारा (पीपासरिया दुसारणा) व उनके पौत्र मुखराम पुत्र दिवंगत आदूराम कूकणा ने मृत्युभोज जैसी कुरीति में होने वाले खर्च को समाज के विकास के लिए दान दिया। दोनों परिवारों ने संत कर्माबाई कन्या छात्रावास, श्रीडूंगरगढ़ में बालिकाओं के लिए एक कक्ष निर्माण हेतु दो लाख एक हजार रूपए का दान दिया। सभी संबंधियों ने इसे प्ररेणीय बताते हुए दिवंगत आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। क्षेत्रभर में इस निर्णय की सराहना हो रही है और इसे सामाजिक कुरीतियों को छोड़कर शिक्षा व बालिका हित की दिशा में प्रेरणादायक कदम बताया जा रहा है। छात्रावास कमेटी अध्यक्ष एडवोकेट श्यामसुदंर आर्य ने दोनों परिवारों का आभार जताते हुए समाज को इनसे प्रेरणा लेने की बात कही। आर्य ने इससे अपने प्रियजन की स्मृति में बालिका शिक्षा को मजबूती दिए जाने की पहल बताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दिवंगत मीरा देवी को परिवार ने दी सच्ची श्रद्धाजंलि, उनकी स्मृति में बालिका शिक्षा को मिलेगी मजबूती।