




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जुलाई 2026। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 29-Jul-2026
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि पूर्णिमा 08:07 PM
🔅 नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 03:38 PM
🔅 करण विष्टि, बव 07:17 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग प्रीति 11:57 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:54 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:27 PM
🔅 चन्द्र राशि मकर
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 07:26 PM
🔅 चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं
🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 काली सम्वत 5127
🔅 दिन काल 13:31:57
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत आषाढ
🔅 मास पूर्णिमांत आषाढ
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:13 PM 01:07 PM
🔅 कंटक 05:37 PM 06:32 PM
🔅 यमघण्ट 08:36 AM 09:30 AM
🔅 राहु काल 12:40 PM 02:21 PM
🔅 कुलिक 12:13 PM 01:07 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 06:48 AM 07:42 AM
🔅 यमगण्ड 07:35 AM 09:17 AM
🔅 गुलिक काल 10:58 AM 12:40 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅 लाभ 05:54 AM – 07:36 AM
🔅 अमृत 07:36 AM – 09:17 AM
🔅 काल 09:17 AM – 10:59 AM
🔅 शुभ 10:59 AM – 12:40 PM
🔅 रोग 12:40 PM – 02:21 PM
🔅 उद्वेग 02:21 PM – 04:03 PM
🔅 चल 04:03 PM – 05:44 PM
🔅 लाभ 05:44 PM – 07:26 PM
🔅 उद्वेग 07:26 PM – 08:44 PM
🔅 शुभ 08:44 PM – 10:03 PM
🔅 अमृत 10:03 PM – 11:21 PM
🔅 चल 11:21 PM – 00:40 AM
🔅 रोग 00:40 AM – 01:59 AM
🔅 काल 01:59 AM – 03:17 AM
🔅 लाभ 03:17 AM – 04:36 AM
🔅 उद्वेग 04:36 AM – 05:54 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 कर्क चर
शुरू: 05:02 AM समाप्त: 07:23 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 07:23 AM समाप्त: 09:40 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 09:40 AM समाप्त: 11:56 AM
🔅 तुला चर
शुरू: 11:56 AM समाप्त: 02:15 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 02:15 PM समाप्त: 04:34 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 04:34 PM समाप्त: 06:38 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 06:38 PM समाप्त: 08:21 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 08:21 PM समाप्त: 09:49 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:49 PM समाप्त: 11:15 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 11:15 PM समाप्त: 00:51 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 00:51 AM समाप्त: 02:47 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 02:47 AM समाप्त: 05:02 AM
🌼 गुरु पूर्णिमा 🌼
“गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपके जिन गोविंद दियो बताय”॥
आज अति शुभ गुरु पूर्णिमा है, आज ही के दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था। इनकी माता मछुआरे की पुत्री सत्यवती और पिता ऋषि पराशर थे।
वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे, जिन्होंने महाभारत की रचना की थी साथ ही उन्होंने 6 शास्त्रों, 18 पुराणों की भी रचना की। उन्होंने चारों वेदों की रचना की थी वेदों को विभाजित किया। इसी कारण इनका नाम वेद व्यास प्रसिद्ध हुआ।
वह आदिगुरु कहलाते है मान्यता है कि आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही महर्षि व्यासजी ने सबसे पहले अपने शिष्यों एवं ऋषि मुनियों को शास्त्रों का ज्ञान प्रदान किया था, और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है ।
मनुष्य जीवन में बिना गुरु के किसी भी मनुष्य का कल्याण हो ही नहीं सकता है, बिना गुरु के जीवन रूपी नैय्या समुद्र के तूफान में फंसी ही रहती है, हिचकोले खाती रहती है ।
हिन्दू धर्म शास्त्रों में गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा स्थान दिया गया है। गुरु की आज्ञा सर्वोपरि माननी चाहिए, उन पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि वह भी आपका सच्चा मार्गदर्शक होता है ।
संत कबीर दास जी ने भी कहा है कि – ‘हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहिं ठौर॥’
अर्थात भगवान के रूठने पर तो गुरू की शरण में जाने पर हमारी रक्षा जो सकती है किंतु गुरू के रूठने पर संसार में कहीं भी शरण मिलना सम्भव नहीं है।
इस दिन हर मनुष्य को अपने गुरु के पास जाकर उन को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार कोई ना कोई उपहार, दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद अवश्य ही लेना चाहिए इससे गुरु की कृपा से वर्ष भर समस्त कार्य निर्विघ्न संपन्न होते है, निश्चय ही संकटो से रक्षा होती है ।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री


