






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 जुलाई 2026। कालू बास में स्थित झंवरों के मंदिर में गुरूवार शाम को धार्मिक संस्था इस्कॉन के बैनर तले आयोजित सत्संग में अनेक कृष्ण भक्त शामिल हुए। इस्कॉन मंदिर दिल्ली के वरिष्ठ भक्त व वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ कृष्ण प्रिय प्रभुजी के सान्निध्य में इस्कॉन श्रीडूंगरगढ़ की स्थापना की गई। सत्संग को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्ण प्रिय प्रभुजी ने कहा कि भगवान को सरल, सहज और निष्कपट हृदय वाले लोग प्रिय होते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को संसार की नकारात्मकता और छल-कपट से दूर रहकर अपने जीवन को भक्ति, प्रेम और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने भक्तों को भगवान से जुड़ने के लिए आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया।
प्रभुजी ने भगवद्गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी से भगवद्गीता को पढ़ने, समझने और उसके संदेशों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने गौड़ीय वैष्णव परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भक्ति, प्रेम, करुणा और सेवा के माध्यम से मनुष्य परमात्मा के करीब पहुंच सकता है। भगवान श्रीकृष्ण को परम पुरुषोत्तम बताते हुए उन्होंने कलियुग में हरे कृष्ण महामंत्र के नामजप की महिमा को विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम का शुभारंभ व समापन हरे कृष्ण महामंत्र के सामूहिक नामजप से हुआ। प्रभुजी ने सभी भक्तों को मायापुर स्थित भगवान नरसिंह मंदिर का सुगंधित तेल प्रसाद स्वरूप लगाया। सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर इस्कॉन से जुड़े भक्तों सहित अनेक कृष्ण भक्त शामिल हुए। बीकानेर इस्कॉन के भक्तों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई और इस्कॉन श्रीडूंगरगढ़ की स्थापना को क्षेत्र में आध्यात्मिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।




