






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 जुलाई 2026। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वायु सेना के वीर योद्धाओं की स्मृति में गुरुवार को ग्राम भानूदा में बलिदान दिवस मनाया गया। गांव में एक वर्ष पहले आज ही के दिन शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु एवं फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। गांव द्वारा सामूहिक रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में वीर सपूतों को याद कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।
कार्यक्रम के दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब शहीदों के परिजन सजल नेत्रों से हवन में आहुतियां देते रहे। आंखों से आंसू बहते रहे, लेकिन देश के वीर सपूतों के प्रति गर्व और सम्मान का भाव हर चेहरे पर दिखाई दिया। ग्रामीणों ने भी शहीदों के परिजनों का सम्मान करते हुए देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्रीकृष्ण गौशाला में हुई, जहां शहीद पायलट लोकेंद्र सिंह की धर्मपत्नी डॉ. सुरभि, उनके 13 माह के पुत्र अभ्युदित, पिता जोगिंद्र सिंह, माता अनिता सहित परिजनों एवं ग्रामीणों ने गायों को हरा चारा एवं गुड़ खिलाया। इसके बाद सभी उस स्थल पर पहुंचे जहां दोनों जवान मिग क्रेश में शहीद हुए। ग्रामीणों द्वारा वहीं हवन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पंडित भास्कर सारस्वत श्रीडूंगरगढ़ के सान्निध्य में विधि विधान से हवन संपन्न करवाया गया। परिजनों ने उस स्थल की मिट्टी को माथे पर लगाकर शहीद को नमन किया। श्रद्धांजलि सभा में दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को याद किया गया। राष्ट्रगान के बाद दोनों शहीदों के जीवन परिचय का वाचन किया गया। ग्रामीणों ने शहीद स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु की पत्नी वीरांगना डॉ सुरभि ने बताया कि 9 जून 2025 को उनके पुत्र का जन्म हुआ और 9 जुलाई 2025 को पति शहीद हुए। वीरांगना ने सजल नेत्रों ने बताया कि लोकेंद्र साहसी व वीर थे, वे कहते थे हर जवान के कंधों पर सबसे पहले हमारे लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी होती है। कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति की आंखे नम हो गई और पांडाल में भारत माता के जयकारे गूंज उठे। ग्रामीणों ने शहीद के परिजनों को माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। परिजनों ने गांव भानूदा के ग्रामीणों की भावनाओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए आभार जताया। शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा के परिजनों ने भी भावभरा संदेश भेजा। इस अवसर पर ग्रामीणों ने प्रति वर्ष 9 जुलाई को बलिदान दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया। जिससे आने वाली पीढ़ियां देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के त्याग, साहस और देशभक्ति से प्रेरणा ले सकें। कार्यक्रम का संचालन विजयपाल भुंवाल ने किया। इस दौरान निवर्तमान सरपंच गुलाराम मेघवाल, पूर्व सरपंच पदमा भुंवाल, कल्याण सिंह बीका, इंदरचंद शर्मा, जगदीश शर्मा, रतनी शर्मा, प्रकाश कंवर, भगवानी देवी, हीरालाल शर्मा, राजूराम चौहान, रामकुमार शर्मा, बुधाराम शर्मा, लीलाधर चूलेट, शंकरदान चारण, रणजीतदान, सीताराम भार्गव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्कूलों के बच्चे, युवा उपस्थित रहें।








