




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 अगस्त 2026। कांग्रेस में पार्षद का चुनाव लड़ना है तो अब प्रत्याशी को 20 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर सहित ऑनलाइन आवेदन करना होगा। कांग्रेस में टिकट की दौड़ शुरू हो गई है। क्षेत्रीय प्रभारी की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद प्रदेश नेतृत्व टिकट का फैसला किया जाएगा।
राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने टिकट वितरण की प्रक्रिया को लेकर नई कवायद शुरू कर दी है। पार्टी अब टिकट के दावेदारों की जानकारी जुटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से तैयार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के पोस्टर का विमोचन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किया।
नई व्यवस्था के तहत कांग्रेस से निकाय चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता और कार्यकर्ता QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पार्टी की इस पहल के साथ ही संभावित दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है।
दावेदारी के साथ बतानी होगी क्षेत्र में पकड़
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ऑनलाइन आवेदन में दावेदारों से सिर्फ व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र में राजनीतिक एवं संगठनात्मक पकड़ से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। खास बात यह है कि दावेदार को यह बताना होगा कि उसके समर्थन में क्षेत्र में कितने प्रस्तावक हैं। पार्टी की प्रक्रिया के अनुसार कम से कम 20 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर भी जरूरी होंगे। दावेदार को पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा करने के साथ अपनी हार्ड कॉपी की दो प्रतियां क्षेत्रीय प्रभारी को उपलब्ध करवानी होंगी।
पहले होगी ग्राउंड पड़ताल, फिर प्रदेश में मंथन
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आवेदन जमा होने के बाद टिकट की दावेदारी सीधे अंतिम नहीं मानी जाएगी। सबसे पहले संबंधित क्षेत्रीय प्रभारी दावेदार की जमीनी स्थिति और क्षेत्र में पकड़ के बारे में जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद दावेदार का बायोडाटा प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा। प्रदेश नेतृत्व की ओर से गठित टीम प्रत्येक दावेदार के मजबूत पक्ष पर गहन मंथन करेगी। ऐसे दावेदारों पर विशेष नजर रहेगी, जो अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और जिनकी जनता के बीच मजबूत पकड़ तथा चुनावी संभावना दिखाई देती है।
डिजिटल आवेदन से बदलेगा टिकट का तरीका
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कांग्रेस की यह नई व्यवस्था निकाय चुनाव में टिकट की दावेदारी और स्क्रीनिंग प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे पार्टी को एक ही माध्यम पर सभी दावेदारों की जानकारी उपलब्ध होगी और क्षेत्रीय स्तर की रिपोर्ट के साथ प्रदेश नेतृत्व के सामने दावेदारों का पूरा प्रोफाइल रखा जा सकेगा। निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के इस नए फॉर्मूले ने टिकट के संभावित दावेदारों की चिंता और सक्रियता दोनों बढ़ा दी हैं। अब सिर्फ टिकट मांगना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र में अपनी पकड़ और सक्रियता साबित करना भी दावेदारों के लिए अहम होगा।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सह-प्रभारी चिरंजीव राव सहित पार्टी के विधायक एवं नेता मौजूद रहे।





