








श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 जून 2026। सरकारी तंत्र की जनता के प्रति जवाबदेही संवेदनहीनता के स्तर पर है। गांव तोलियासर में राउमावि का पूरा भवन जर्जर हो गया और इस बात से स्कूल प्रशासन बेखबर ही रहा। सोमवार को छुट्टियों के बाद पहले ही दिन स्कूल खुलने पर लापरवाही की पट्टियां गिरी पाई गई। यहां किसी दानदाता या सरकारी योजना में नए कक्षा कक्षों के निर्माण का विचार भी धूल ही फांकता रहा।
वहीं गांव समंदसर में राउमावि में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां स्कूल की छत पर मंजिए की आधा इंच से अधिक मोटी टाइलें लगाकर ग्राम पंचायत द्वारा पैक करवाया हुआ था। पिछले वर्ष बारिश के दौरान आपदा प्रबंधन मद से जिले के विद्यालयों को दो-दो लाख रुपये की राशि मरम्मत के लिए स्वीकृत की गई। समंदसर स्कूल में तीन कमरों की छतों से ये टाइलें उखड़वा कर छत की मरम्मत करवाई गई। जो इस सीजन की दो बरसात में ही सीलन से क्षतिग्रस्त हो गई है। सरपंच प्रतिनिधि खिंयाराम गोदारा ने बताया कि ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन से समझाईश करते हुए टाइलों से मजबूत छतों को बिना जरूरत मरम्मत नहीं करवाने का आग्रह भी किया। परंतु प्रबंधन नहीं माना और अच्छी भली तीन छतों के कमरों की छतों को बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों ने सोमवार को स्कूल खुलने पर इन तीन कक्षों में गिर रहें चुने और सीलन से क्षतिग्रस्त हो रही छत को लेकर खासी नाराजगी जताई। इन कक्षों की पट्टियों में भी दरारें आ गई है।





