आज की हथाई- बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे में सड़कों पर भरा पानी, हास्पीटल, बैंक, डाकघर, चिकित्सालय जाना हुआ मुश्किल।

श्रीडूंगरगढ टाइम्स 17 अगस्त 2019। जी हाँ आज शहर श्रीडूंगरगढ के नागरिकों से शिकायत करता शहर नजर आया और वह कबीर की इन पंक्तियों को गुनगुना रहा था। श्रीडूंगरगढ़ शहर में हुई बारिश के बाद हुए जलभराव के हालातों के बाद हर और प्रशासनिक असक्षमता के चर्चे है लेकिन शहर के अंदरूनी भागों में जानकार एवं स्पष्ट कहने वाले लोग सीधे सीधे शहर की जनता को भी कोस रहे है। कस्बे के लोगों द्वारा केवल अपने अधिकारो को पाने के लिए सबकी निंदा तो कर रहे है लेकिन अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए जागरूक नहीं होने की स्थिति में शायद शहर श्रीडूंगरगढ का मन भी व्यथीत है। शहर में जलभराव का सबसे बड़ा कारण नालों में पॉलीथिन है और पॉलीथिन का उपयोग करता है शहर का आम आदमी। वह आम आदमी जो हाथों में पॉलीथिन लिए नगरपालिका को कोस रहा है, वह आम आदमी जो घरों का कचरा पॉलीथिन में भर कर नालियों में फेंकते हुए नेताओं को कोस रहा है। वह आम आदमी जो सब्जियों व खाने पीने का सामान भी थैलियों में डाल कर सड़कों पर फेंक रहा है। ऐसे में शहर की हथाई सुने तो श्रीडूंगरगढ़ आज अपने नागरिको को ही दोष दे रहा है।



श्रीडूंगरगढ़ शहर की पीड़ा है कि यहां कि जनता अपने नेता को, और नेता आगे अधिकारी को, उलाहना देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते है। यहां के नेता हर बार शहर के सौन्दर्यकरण के नाम पर वोट तो हथिया लेते है परन्तु कर्तव्य अपने पूरे करने की और ध्यान ही नहीं देते। नेता तो नेता है परन्तु शहर की व्यथा का कारण आम जनता है। श्रीडूंगरगढ बोल रहा है कि मुझे इंतजार है यहां की जनता कस्बे के हित या यों कहे कि देश हित के बारे में कब अपनी समझ का परिचय देगी। सरकारों के भरोसे रहने का मांइड सेट न रख कर, हालातों की अनदेखी न करते हुए अपनी जिम्मेवारी समझेगी। नागरिकों द्वारा बच्चों की तरह आँख बंद कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

अब आवश्यकता है कि जनता अपने कर्तव्यों को समझे एवं शहर के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभाएं। शहर की उम्मीद है कि जनता और अधिक नहीं तो कम से कम पॉलीथिन का उपयोग तो बंद करे, ताकि शहर को जलभराव की स्थाई समस्या से निजात मिल सके। जिससे शहर के ड्रेनेज को भी राहत की सांस आ सके व इस गंदगी को साफ करने वाले कर्मचारियों को भी जो लोगों द्वारा फेंके गये कचरे को हाथ से निकालते है। आज शहर की हथाई आपके सामने आयी क्योंकि आज  जगह जगह लोग इस हथाई में शामिल नजर आयें जो एक दुसरे को नागरिक कर्तव्यों की याद करते कराते नजर आये।